यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि दुनिया भर में एक अरब से अधिक बच्चे जलवायु परिवर्तन से जुड़े कई गंभीर जोखिमों का सामना कर रहे हैं। ये जोखिम बाढ़, सूखा, तूफान और अत्यधिक गर्मी जैसी चरम मौसम घटनाओं से उत्पन्न होते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये बच्चे न केवल इन आपदाओं से प्रभावित हैं, बल्कि इनकी वजह से उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण भी खतरे में है। अफ्रीका के उप-सहारा क्षेत्र और दक्षिण एशिया में बच्चे विशेष रूप से कमजोर हैं। यूनिसेफ ने सरकारों और समुदायों से बच्चों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इसमें जलवायु अनुकूलन उपायों में निवेश और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के प्रयास शामिल हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिए जलवायु परिवर्तन से निपटने में तत्काल और ठोस कदम उठाना आवश्यक है।
