दुनिया के 70% से अधिक हिस्से पर पानी होने के बावजूद, केवल 3% मीठा पानी है। बढ़ते तापमान के कारण पानी की उपलब्धता एक गंभीर समस्या बन गई है। जलवायु परिवर्तन इस स्थिति को और भी बदतर बना रहा है, जिससे पानी पर तनाव बढ़ रहा है। रिकॉर्ड सूखे और अत्यधिक बारिश की घटनाएं इसकी स्पष्ट संकेत हैं। मीठे पानी की सीमित मात्रा इसे एक महत्वपूर्ण संसाधन बनाती है जिसके लिए तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। यह बदलाव वैश्विक स्तर पर पानी के उपयोग और प्रबंधन के तरीकों को प्रभावित कर रहा है। भविष्य में जल संसाधनों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है।