नेचर पत्रिका में प्रकाशित एक वैश्विक अध्ययन में पौधों और जानवरों की 5,151 प्रजातियों का 39,157 स्थानों पर विश्लेषण किया गया। इस अध्ययन में पता चला है कि स्थानीय स्तर पर प्रजातियों का विलुप्त होना उन क्षेत्रों में अधिक आम है जिनकी जलवायु समशीतोष्ण है। पहले ऐसी धारणा थी कि उष्णकटिबंधीय क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित होंगे, लेकिन यह शोध एक अलग तस्वीर पेश करता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव व्यापक है और यह उन क्षेत्रों को भी प्रभावित कर रहा है जिनकी अपेक्षा नहीं की गई थी। यह खोज संरक्षण प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह इंगित करता है कि समशीतोष्ण क्षेत्रों में जैव विविधता की रक्षा पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि प्रजातियों के विलुप्त होने की दर में तेजी आ रही है, जो भविष्य के लिए चिंता का विषय है। इस शोध से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने और प्रभावी संरक्षण रणनीतियों को विकसित करने में मदद मिलेगी।
