वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, CIA ने ईरान द्वारा डोनाल्ड ट्रंप पर हमले की योजना के बारे में इजराइल द्वारा दी गई जानकारी पर संदेह जताया था। इन चेतावनियों की विश्वसनीयता पर संदेह के बावजूद, अमेरिकी गुप्त सेवा (Secret Service) ने तुर्की से अमेरिकी राष्ट्रपति को सुरक्षित निकालने के लिए एक गुप्त अभियान शुरू किया। यह अभियान बेहद गोपनीय रखा गया था। ईरान की ओर से संभावित खतरे को देखते हुए, सुरक्षा एजेंसियों ने कोई जोखिम नहीं लेना चाहा। इस अभियान के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया गया। ट्रंप को सुरक्षित रूप से तुर्की से निकाला गया, हालांकि CIA को इजरायली खुफिया जानकारी पर पूरी तरह से विश्वास नहीं था। यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा चुनौतियों और खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान की जटिलताओं को उजागर करती है।