सीआईए प्रमुख की मास्को यात्रा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि यह यात्रा रूस से ज़्यादा बाल्टिक देशों की चिंता और ब्रसेल्स के धन को अमेरिकी हथियार निर्माताओं के लिए नए व्यापार में बदलने पर केंद्रित है। यह यात्रा अमेरिका के हथियारों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए की गई हो सकती है। बाल्टिक राष्ट्रों को रूस से खतरे का आभास कराया जा रहा है, जिसके कारण वे अपनी रक्षा पर अधिक खर्च कर रहे हैं। यह पैसा अंततः अमेरिकी हथियार निर्माताओं के खातों में जा रहा है। इस यात्रा का उद्देश्य अमेरिका के भू-राजनीतिक हितों को साधने और रक्षा उद्योग को लाभ पहुंचाने का हो सकता है। यह सवाल उठता है कि क्या यह यात्रा वाकई में खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए थी या फिर एक व्यावसायिक सौदा था।