ओक्लाहोमा में, क्रिस्टा पाइक, जिनकी उम्र 50 वर्ष है, को 1995 में 19 वर्षीय कोलिन स्लेमर की हत्या के दोषी ठहराए जाने के बाद मौत की सजा सुनाई गई थी। हाल ही में, उन्हें फांसी देने का प्रयास किया गया, लेकिन गवाहों का कहना है कि फांसी के बाद भी वह सांस ले रही थीं। इस घटना ने मौत की सजा की प्रक्रिया पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों ने फिलहाल इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है और जांच जारी है। क्रिस्टा पाइक को फिर से चिकित्सा सहायता के लिए ले जाया गया है। यह मामला ओक्लाहोमा की न्याय प्रणाली के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है। इस घटना के बाद, कई लोगों ने मौत की सजा के उपयोग पर बहस शुरू कर दी है।