क्रिस्ता पाईक, जिन्हें 30 सितंबर को जानलेवा इंजेक्शन की दो खुराकें दी गईं थीं, अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद टेनेसी की जेल वापस भेज दी गई हैं। इस घटना ने मृत्युदंड की प्रक्रिया पर फिर से ध्यान केंद्रित किया है। पाईक पर पहले इंजेक्शन लगने के बाद भी प्रतिक्रिया नहीं हुई थी, जिसके कारण उन्हें दूसरी खुराक दी गई। इस असाधारण मामले ने अमेरिका में मृत्युदंड की मानवीयता और प्रभावशीलता पर बहस को तेज कर दिया है। कई लोगों ने इस घटना के बाद मृत्युदंड की समीक्षा की मांग की है। इस मामले से टेनेसी राज्य में मृत्युदंड की भविष्य की नीतियों पर भी असर पड़ सकता है। अधिकारियों ने इस घटना को असामान्य बताया है और जांच के आदेश दिए हैं।