CHP पार्टी में आंतरिक कलह और इस्तीफों की श्रृंखला के बाद, पार्टी अधिवेशन (Kurultay) की मांग जोर पकड़ रही है। ‘पूर्ण अमान्यता’ के फैसले के बाद पार्टी में चल रहे आंतरिक मूल्यांकन के परिणामस्वरूप, पार्टी परिषद में महत्वपूर्ण इस्तीफे हुए हैं। इन इस्तीफों ने पार्टी में अधिवेशन की आवश्यकता पर बहस को और तेज कर दिया है। कानूनी पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, क्योंकि स्थिति जटिल होती जा रही है। पार्टी के भीतर तीखे बयान और जवाबी कार्रवाई से यह संकेत मिल रहा है कि सुलह करना मुश्किल हो सकता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि इस गतिरोध को कौन और कैसे हल करेगा। पार्टी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।