चीन ने हाल ही में लॉन्ग मार्च-12 रॉकेट को एक नए सुपर ईंधन के साथ सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। इस नए ईंधन के उपयोग से रॉकेट की पेलोड क्षमता में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह विकास चीन के महत्वाकांक्षी चंद्र मिशनों और अंतरिक्ष में वाणिज्यिक उपग्रहों की बढ़ती संख्या को देखते हुए महत्वपूर्ण है। बीजिंग एयरोस्पेस टेस्ट टेक्नोलॉजी रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार, इस तकनीक से रॉकेट के ढांचे को और बड़ा किए बिना ही उसकी क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इससे अंतरिक्ष में भारी वस्तुओं को भेजने की लागत कम हो सकती है। चीन का अंतरिक्ष कार्यक्रम तेजी से विस्तार कर रहा है और यह नई तकनीक उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ईंधन भविष्य में अन्य रॉकेटों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।