एक मुख्य भूमि चीनी फिल्म, ‘द बिलीफ’, जो ताइवान के साथ पुनर्मिलन का आह्वान करती है, को राष्ट्रवादी स्वरों से अप्रत्याशित आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। यह फिल्म 1683 में किंग राजवंश के सम्राट कांग्शी द्वारा शि लैंग को ताइवान में टंगनिंग साम्राज्य के खिलाफ सेना भेजने की कहानी बताती है। टंगनिंग साम्राज्य खुद को पूर्व में उखाड़े गए मिंग राजवंश का हिस्सा मानता था। यह लड़ाई, जिसे पेंघू की लड़ाई के रूप में जाना जाता है, अंततः… फिल्म का विषय चीन में बहस का विषय बन गया है, कुछ लोगों का तर्क है कि यह ताइवान की स्वतंत्रता की इच्छा को कम आंकता है। यह फिल्म अब अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है, और इसकी रिलीज पर सवालिया निशान लगा हुआ है। फिल्म निर्माताओं को राष्ट्रवादी आलोचना के जवाब में फिल्म में संशोधन करने पर विचार करना पड़ सकता है।