जर्मन सुरक्षा एजेंसियों ने चीनी कारों को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ये वाहन सड़कों, इमारतों और लोगों के वीडियो रिकॉर्ड कर सकती हैं, जो एक जोखिम पैदा करता है। इस डेटा का उपयोग संभावित रूप से जासूसी के लिए किया जा सकता है। दिलचस्प बात यह है कि इस खतरे का मुकाबला करने के तरीके चीन स्वयं दिखा रहा है। चीन अपने यहां कारों द्वारा एकत्र किए जाने वाले डेटा पर सख्त नियम लागू कर रहा है। जर्मनी इस मॉडल पर विचार कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चीनी कारों से प्राप्त डेटा का दुरुपयोग न हो। यह मुद्दा डेटा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां ​​इसे गंभीरता से ले रही हैं।