चीन के निर्यात में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे दुनिया भर के उद्योगों और रोजगार पर इसका प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है। यूरोप, लैटिन अमेरिका और अन्य क्षेत्रों में इस वृद्धि को लेकर विशेष चिंता जताई जा रही है। चीन के सस्ते उत्पादों के कारण अन्य देशों के उद्योगों को प्रतिस्पर्धा करने में कठिनाई हो रही है। इसका परिणाम स्थानीय नौकरियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञ इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं और वैश्विक व्यापार पर इसके दीर्घकालिक प्रभावों का आकलन कर रहे हैं। यह वृद्धि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भी बदलाव ला सकती है। इस मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विचार-विमर्श और नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता महसूस की जा रही है।