चीन के सरकारी मीडिया ने आगामी जी7 शिखर सम्मेलन से पहले इस समूह को ‘पाखंडी धनी देशों का क्लब’ करार देते हुए कड़ा प्रहार किया है। चीनी मीडिया का कहना है कि जी7 देश वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने में विफल रहे हैं और केवल अपनी समृद्धि पर ध्यान केंद्रित करते हैं। यह टिप्पणी जी7 के सदस्य देशों की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी भूमिका की आलोचना का हिस्सा है। चीन ने अक्सर जी7 को पुरानी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करने और विकासशील देशों की चिंताओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। यह बयान जी7 देशों के साथ चीन के बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच आया है। विश्लेषकों का मानना है कि चीन का यह रुख जी7 शिखर सम्मेलन में अपनी स्थिति को मजबूत करने और वैश्विक नेतृत्व के लिए अपनी दावेदारी पेश करने का प्रयास है।