चीन “विश्व की छत” कहे जाने वाले क्षेत्र में दुनिया की सबसे शक्तिशाली जलविद्युत प्रणाली का निर्माण कर रहा है। इस प्रणाली से उत्पादित बिजली की मात्रा संयुक्त राज्य अमेरिका के एक वर्ष के उत्पादन से अधिक होगी। भारत और बांग्लादेश इस परियोजना से चिंतित हैं, क्योंकि इससे ब्रह्मपुत्र नदी के जल प्रवाह पर असर पड़ सकता है। चीन का कहना है कि यह परियोजना ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और जल प्रबंधन में सुधार करने के लिए है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से नदी के निचले इलाकों में बाढ़ और सूखे का खतरा बढ़ सकता है। दोनों देशों ने चीन से अधिक जानकारी और पारदर्शिता की मांग की है ताकि संभावित प्रभावों का आकलन किया जा सके। यह परियोजना क्षेत्रीय जल सुरक्षा और भू-राजनीतिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियां पेश कर सकती है।