चीन में उपभोक्ता ऋण की समस्या गंभीर होती जा रही है। 2025 के अंत तक, चीन की 1.1 अरब वयस्क आबादी में से लगभग 10.6 प्रतिशत लोग अपने ऋण भुगतान में चूक गए थे। यह आंकड़ा 300 बिलियन अमेरिकी डॉलर के आसपास अनुमानित है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति चीन की आर्थिक विकास दर को धीमा कर सकती है और वित्तीय स्थिरता को खतरे में डाल सकती है। उपभोक्ता खर्च में कमी और बेरोजगारी बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। सरकार इस समस्या से निपटने के लिए कदम उठा रही है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ये उपाय कितने प्रभावी होंगे। यह स्थिति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि चीन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था है।
