चीन के राष्ट्रीय लेखा परीक्षक ने देश के दो सबसे बड़े राज्य-स्वामित्व वाले बैंकों पर कर चोरी और अवैध ऋण देने का आरोप लगाया है। बैंक ऑफ चाइना, जो ‘बिग फोर’ ऋणदाताओं में से एक है, पर अप्रैल 2023 से 2.4 बिलियन युआन (352 मिलियन अमेरिकी डॉलर) कर चोरी करने का आरोप है। यह मामला चीन की वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े करता है। ऑडिट में पाया गया कि बैंकों ने नियमों का उल्लंघन किया और अवैध रूप से ऋण जारी किए। इस खुलासे से चीन के वित्तीय क्षेत्र में सुधार की मांग तेज हो सकती है। सरकार ने इस मामले पर जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। यह घटनाक्रम चीन की अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव डाल सकता है।