अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों को अलग-थलग करने की धमकी दी है, क्योंकि ईरान बीजिंग को काफी तेल बेचता है। इस प्रतिक्रिया में, चीन ने अपनी संप्रभुता और हितों की रक्षा करने की चेतावनी दी है। चीन का कहना है कि वह ईरान के साथ अपने सामान्य व्यापार को जारी रखेगा। बीजिंग ने वाशिंगटन पर एकतरफा प्रतिबंध लगाने का विरोध किया है। यह तनाव, अमेरिका और चीन के बीच पहले से ही मौजूदा व्यापारिक संबंधों को और जटिल बना सकता है। इस स्थिति से वैश्विक तेल बाजार पर भी असर पड़ सकता है। चीन, ईरान से तेल का एक प्रमुख खरीदार है और प्रतिबंधों का असर उसके ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।