चीन अब अपने अनुसंधान परिणामों के विदेशी अकादमिक पत्रिकाओं में प्रकाशन को नियंत्रित करने की तैयारी कर रहा है। ऐसा तकनीकी रिसाव की आशंका के कारण किया जा रहा है। यह कदम चीन की बढ़ती तकनीकी सुरक्षा चिंताओं को दर्शाता है। माना जा रहा है कि इससे अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग प्रभावित हो सकता है। फिलहाल, इस नियंत्रण के दायरे और कार्यान्वयन के तरीकों के बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नीति चीनी वैज्ञानिकों के लिए चुनौतियाँ पैदा कर सकती है और वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में चिंता पैदा कर सकती है।