तिब्बत में भीषण भूस्खलन के बाद बचाव कार्य बाढ़ के खतरे के कारण अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। भूस्खलन के कारण चीन-नेपाल सीमा पर मलबे का विशाल भंडार जमा हो गया है, जिससे एक झील का निर्माण हुआ है। यह झील अब बचाव टीमों की ओर बढ़ रही है और उफन रही है, जिससे स्थिति और भी खतरनाक हो गई है। राज्य मीडिया के अनुसार, सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं, और उनकी तलाश जारी है। अधिकारियों ने बाढ़ के खतरे को देखते हुए बचाव दल को वापस बुला लिया है। पुनर्निर्माण और राहत प्रयासों की योजना बाढ़ की स्थिति पर निर्भर करेगी। यह घटना क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं की गंभीरता को दर्शाती है।