चीन ताइवान के प्रति अपनी रणनीति बदल रहा है, सैन्य प्रदर्शनों के बजाय अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ताइवान को अलग-थलग करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। हाल ही में, चीन ने ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते की अफ्रीका यात्रा को बाधित करने का प्रयास किया। अमेरिका में भी उन्हें पारगमन की अनुमति नहीं मिली, जो उनके पूर्ववर्तियों के विपरीत है। चीन विदेशी मीडिया पर भी दबाव बना रहा है, न्यूयॉर्क टाइम्स की एक पत्रकार को निष्कासित कर दिया गया क्योंकि उनके सहयोगी ने ताइवान के राष्ट्रपति के साथ एक ऑनलाइन साक्षात्कार किया था। यूरोपीय और जापानी मीडिया भी प्रभावित हुए हैं। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ताइवान को मिलने वाले समर्थन पर सवाल उठा रहे हैं, और हथियारों की आपूर्ति को चीन के साथ बातचीत का हिस्सा बनाने की संभावना जता रहे हैं। चीन का उद्देश्य ताइवान को अंतर्राष्ट्रीय समर्थन से वंचित करना है।
