यूरोपीय संघ की खुफिया एजेंसियों ने पुष्टि की है कि चीन ने रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले सैकड़ों रूसी सैनिकों को अपने क्षेत्र में प्रशिक्षित किया था। ये सैनिक बाद में यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में शामिल हुए। यह जानकारी रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण से पहले की है, जिससे चीन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। यूरोपीय संघ के सूत्रों के अनुसार, प्रशिक्षण में सैन्य रणनीति और हथियारों का उपयोग शामिल था। इस खुलासे से चीन की तटस्थता पर संदेह बढ़ गया है, क्योंकि उसने पहले यूक्रेन में संघर्ष पर कोई पक्ष नहीं लेने का दावा किया था। यह मामला अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राजनयिक तनाव बढ़ा सकता है। फिलहाल, चीन ने इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।