चीन ने दस अमेरिकी तकनीकी कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे उन्हें “दोहरे उपयोग” वाले सामान निर्यात करने से रोका गया है। ये सामान सैन्य और नागरिक दोनों उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ड्रोन बनाने वाली कंपनियों और दुर्लभ पृथ्वी धातुओं से जुड़े कुछ उद्यमों को भी इस प्रतिबंध का सामना करना पड़ा है। बीजिंग का यह कदम अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा चीनी कंपनियों पर लगाए गए समान प्रतिबंधों के कुछ हफ़्तों बाद उठाया गया है। माना जा रहा है कि यह प्रतिबंध जवाबी कार्रवाई है। चीन का वाणिज्य मंत्रालय इस कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में बताया है। इस प्रतिबंध से दोनों देशों के बीच तकनीकी तनाव बढ़ने की आशंका है। यह कदम अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक संबंधों को और जटिल बना सकता है।
