चीन ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिकी चुनाव डेटा में हस्तक्षेप करने के आरोपों को "गढ़े हुए" बताया। ट्रंप ने फिर से बिना आधार के मतदाता धोखाधड़ी के अपने लंबे समय से चले आ रहे दावों को दोहराया है, जिसके चलते मध्यावधि चुनावों को लेकर आशंकाएं बढ़ गई हैं जिन्हें वह शायद विवादित कर सकते हैं। बीजिंग ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। यह प्रतिक्रिया ट्रंप के इस आरोप के बाद आई है कि चीन ने अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप किया है। ट्रंप ने बिना कोई सबूत दिए इस तरह के दावे किए थे। चीन का मानना है कि ट्रंप का यह बयान निराधार है और इसका उद्देश्य अमेरिकी मतदाताओं को गुमराह करना है। यह घटनाक्रम आगामी मध्यावधि चुनावों के माहौल में तनाव बढ़ाता है।