ग्वांगजू बिएनाले में चीनी कलाकारों की वापसी चीनी सरकार के हस्तक्षेप के कारण हुई है। सरकार ने कलाकारों को वापस लेने का आदेश दिया, जिसके बाद बिएनाले प्रशासन ने ताइवान के कलाकारों को ‘NTMOFA’ के नाम से भाग लेने के फैसले को पलट दिया। पहले, ताइवान के कलाकारों को ‘ताइवान मंडप’ के रूप में भाग लेने की अनुमति थी। इस फैसले ने ताइवान की स्वतंत्रता और पहचान के मुद्दे को उजागर कर दिया। चीनी सरकार ताइवान को अपना प्रांत मानती है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ताइवान की स्वतंत्र पहचान को स्वीकार करने का विरोध करती है। इस घटना ने कला और राजनीति के बीच संबंधों और कलात्मक स्वतंत्रता पर सरकारी नियंत्रण के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं। बिएनाले प्रशासन की प्रारंभिक कार्रवाई और उसके बाद पलटवार ने इस मामले में राजनीतिक दबाव को दर्शाया है।