अमेरिका के सीनेट द्वारा एक विधेयक प्रस्तावित किया गया है, जिसमें रूसी ऊर्जा खरीदारों पर 100% शुल्क लगाए जा सकते हैं। इस प्रस्ताव के जवाब में, चीन ने अपनी कंपनियों की रक्षा करने की कसम खाई है। चीन का कहना है कि वह किसी भी अनुचित व्यापार प्रतिबंधों का विरोध करेगा। बीजिंग का मानना है कि यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर सकता है। चीन, रूस के साथ अपने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इस विधेयक के पारित होने पर, चीन और अमेरिका के बीच व्यापार तनाव बढ़ने की संभावना है। यह घटनाक्रम वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।
English
Français
Español
हिन्दी
中文