आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी ओपनएआई ने आरोप लगाया है कि चीन स्थित कुछ समूहों ने एआई डेटा केंद्रों को लेकर जनता में विरोध को भड़काने का प्रयास किया है। इन समूहों ने चैटजीपीटी खातों का उपयोग करते हुए ऊर्जा की कीमतों से संबंधित मौजूदा चिंताओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। ओपनएआई के अनुसार, यह अभियान जनता की राय को प्रभावित करने और डेटा केंद्रों के विकास को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। कंपनी ने इस गतिविधि को ‘शोषण’ और ‘प्रचार’ का मिश्रण बताया है। यह आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब एआई डेटा केंद्रों की ऊर्जा खपत और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर बहस तेज हो रही है। ओपनएआई ने इस मामले में आगे जांच की बात कही है और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर जोर दिया है। इस घटना से एआई तकनीक के राजनीतिकरण और दुष्प्रचार अभियानों के प्रति चिंताएं बढ़ गई हैं।