ताइवान के सुरक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि चीन अब सीधे सैन्य खतरों के बजाय 'ग्रे-ज़ोन' रणनीति का उपयोग करके द्वीप पर दबाव बढ़ा रहा है। इसमें तटीय सुरक्षा गश्त और कानूनी दावों जैसे तरीकों को शामिल किया जा रहा है। बीजिंग अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समुद्री गतिविधियों का उपयोग अपने लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि चीन इस रणनीति से ताइवान को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है। ताइवान से इन चुनौतियों का सामना करने के लिए 'पूर्ण पारदर्शिता' अपनाने और क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया गया है। यह कदम चीन द्वारा किए जा रहे निरंतर सैन्य अभ्यासों के बीच उठाया जा रहा है। स्थिति को देखते हुए, ताइवान को अपनी सुरक्षा के लिए अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
