ताइवान ने पहली बार दक्षिण चीन सागर में स्थित अपने एक द्वीप के निकट चीनी कानून प्रवर्तन जहाजों की उपस्थिति दर्ज की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बीजिंग द्वारा इस जलक्षेत्र पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में उठाया गया है। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब बीजिंग ने ताइवान की डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी पर जापान और फिलीपींस के बीच समुद्री सीमांकन वार्ता पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है। बीजिंग और ताइपे दोनों ही इन क्षेत्रों पर विशेष आर्थिक क्षेत्र होने का दावा करते हैं। चीनी जहाजों की यह गतिविधि ताइवान के आसपास बढ़ते चीनी प्रभाव को दर्शाती है। इस घटना से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है, क्योंकि चीन ताइवान पर अपना दावा मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ताइवान सरकार इस स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रही है और क्षेत्र में अपनी सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।