चीन ने खारे पानी और क्षारीय मिट्टी में आलू की खेती के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। राष्ट्रीय आलू इंजीनियरिंग अनुसंधान केंद्र और सिशेन पोटैटो इंडस्ट्री ग्रुप के दो दशकों से अधिक के शोध के बाद यह उपलब्धि मिली है। इस नई तकनीक से अब उन क्षेत्रों में भी आलू उगाया जा सकता है जहाँ पहले खेती करना मुश्किल था। शोधकर्ताओं ने 2,800 से अधिक जर्मप्लाज्म का एक उन्नत संसाधन बैंक भी विकसित किया है, जो नमक सहिष्णुता बढ़ाने में सहायक है। यह विकास खाद्य सुरक्षा और कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। इस सफलता से उन किसानों को लाभ होगा जिनके पास खारे पानी वाली भूमि है। यह तकनीक आलू की खेती के लिए नई संभावनाएं खोलती है।
