चीन के इंजीनियरों ने 6जी तकनीक में एक विशेष प्रणाली विकसित की है जो वायरलेस सिग्नल को सटीक रूप से परावर्तित करके डेड स्पॉट को खत्म कर सकती है। यह प्रणाली, जिसे 'डिस्ट्रीब्यूटेड इंटीग्रेटेड सेंसिंग एंड कम्युनिकेशन मेटासर्फेस' (DISACM) नाम दिया गया है, लोगों की गतिविधियों को रडार की तरह महसूस करने में भी सक्षम है। इस नवाचार को मार्च में जिनेवा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय आविष्कार प्रदर्शनी में स्वर्ण पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिसके परिणाम 14 जून को जारी किए गए। DISACM बुद्धिमान पुन: कॉन्फ़िगरेशन का उपयोग करता है और यह तकनीक दीवारों और पाइपों जैसी सतहों को सेंसर के रूप में इस्तेमाल करने की क्षमता रखती है। यह वायरलेस कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और निगरानी क्षमताओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह 6जी तकनीक के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रणाली से संचार के क्षेत्र में नए अवसर खुल सकते हैं।