अमेरिका द्वारा चीनी सैन्य-संबंधी संस्थाओं पर काली सूची बढ़ाने के जवाब में, चीन ने भी जवाबी कार्रवाई की है। चीन ने 10 अमेरिकी रक्षा और दुर्लभ मृदा कंपनियों पर निर्यात नियंत्रण लगा दिया है। इसके अतिरिक्त, बीजिंग ने 46 अमेरिकी कंपनियों, जिनमें लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन जैसे प्रमुख रक्षा ठेकेदार शामिल हैं, के उत्पादों की सरकारी खरीद पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक तनाव को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक व्यापक रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता का संकेत है। चीन का यह कदम अमेरिका के प्रतिबंधों के प्रति सीधी प्रतिक्रिया है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और जटिल बना सकता है। इस कार्रवाई से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भी असर पड़ सकता है।
