चीन ने द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की 81वीं वर्षगांठ पर जापान के रक्षा मंत्री शिनजीरो कोइज़ुमी द्वारा यासुकुनी तीर्थस्थल के दौरे की कड़ी निंदा की है। बीजिंग ने इस यात्रा को लेकर औपचारिक रूप से विरोध दर्ज कराया है। चीन और एशिया के कई अन्य देश यासुकुनी को जापानी सैन्यवाद का प्रतीक मानते हैं। जापानी प्रधान मंत्री सनाए ताकाइची ने व्यक्तिगत रूप से तीर्थस्थल का दौरा नहीं किया, लेकिन उन्होंने एक औपचारिक भेंट भेजी। चीन का कहना है कि यह कृत्य युद्ध के पीड़ितों की स्मृति का अपमान है और क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाता है। बीजिंग ने जापान से अपने अतीत के प्रति अधिक जिम्मेदारीपूर्ण रवैया अपनाने का आग्रह किया है। यह घटना दोनों देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और बिगाड़ सकती है।