प्रशांत द्वीप समूह मंच की मेजबानी कर रहे पलाऊ ने ताइवान के विदेश मंत्री को आमंत्रित किया है। यह ताइवान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के कुछ बचे हुए तरीकों में से एक है। चीन इस कदम से चिंतित है, क्योंकि वह ताइवान को अपना विद्रोही प्रांत मानता है। पलाऊ का यह निमंत्रण ताइवान को राजनयिक समर्थन देने की एक स्पष्ट अभिव्यक्ति है। यह कदम चीन और ताइवान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है। इस घटनाक्रम से पता चलता है कि प्रशांत द्वीप राष्ट्र ताइवान के साथ संबंध बनाए रखने में रुचि रखते हैं।Forum में ताइवान की भागीदारी क्षेत्र में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को उजागर करती है।