दक्षिण चीन सागर जैसे विवादित जलक्षेत्र में चीनी नौसेना की गतिविधियों का एक अध्ययन सामने आया है। इस अध्ययन में यह पाया गया है कि चीनी नौसेना द्वारा हथियार इस्तेमाल करने की संभावना केवल 0.3% है। यह निष्कर्ष नौसेना के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए सिमुलेशन और युद्ध परिदृश्यों पर आधारित है, जिसमें तनावपूर्ण समुद्री स्थितियों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में यह भी दर्शाया गया है कि नौसेना अक्सर मछुआरे की नावों के समूहों को सुरक्षित रखती है, लेकिन छोटी, तेज गति वाली नौकाओं द्वारा संभावित खतरों का आकलन करती रहती है। शोधकर्ताओं ने बताया कि त्वरित निर्णय लेने की क्षमता ही तनावपूर्ण स्थिति को बढ़ने से रोक सकती है। यह अभ्यास वास्तविक दुनिया की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जहाँ एक गलत कदम भी गंभीर परिणाम ला सकता है। इस अध्ययन से इस क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों को बल मिलता है।