चीन के प्रधानमंत्री ने बुधवार को ‘समर दावोस’ में भाग लेते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के विनियमन में देरी होने पर नियंत्रण खोने की आशंका व्यक्त की है। उन्होंने आगाह किया कि एआई के कारण श्रम बाजारों में व्यवधान और सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं, जिसमें संघर्ष में इसके उपयोग और साइबर सुरक्षा उल्लंघनों की संभावना शामिल है। प्रधानमंत्री ने सरकारों से एआई के विकास और उपयोग को लेकर सक्रिय भूमिका निभाने और उचित नियम बनाने का आग्रह किया। उनका मानना है कि समय पर विनियमन से एआई के संभावित खतरों को कम किया जा सकता है और इसके लाभों को अधिकतम किया जा सकता है। एआई तकनीक के तेजी से विकास के साथ, वैश्विक स्तर पर इसके शासन को लेकर बहस तेज हो रही है। चीन इस क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी है और उसकी राय महत्वपूर्ण मानी जाती है।
