चीन में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की बैटरी कचरे की बढ़ती समस्या को देखते हुए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। वर्ष 2030 तक लगभग दस लाख टन बैटरी कचरा उत्पन्न होने का अनुमान है, जिसके मद्देनज़र यह कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने निर्माताओं के लिए डिजिटल ट्रेसबिलिटी (Digital Traceability) के नियमों को सख्त कर दिया है, ताकि बैटरी के जीवनचक्र और निपटान पर निगरानी रखी जा सके। इस कदम का उद्देश्य पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम करना और कचरे के उचित प्रबंधन को सुनिश्चित करना है। नए नियमों के तहत, बैटरी निर्माताओं को अपनी बैटरी की उत्पत्ति, उपयोग और अंतिम निपटान का विस्तृत रिकॉर्ड रखना होगा। यह पहल चीन की इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अन्य देशों के लिए भी एक उदाहरण स्थापित कर सकता है।
