चीन ने ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु अधिकारों का बचाव किया है। यह प्रतिक्रिया रूस के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका द्वारा प्रस्तावित प्रतिबंध निगरानी प्रस्ताव को अवरुद्ध करने के बाद आई है। चीन का कहना है कि ईरान का नागरिक परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से वैध है। यह कदम अमेरिका और पश्चिमी देशों के ईरान के परमाणु गतिविधियों को लेकर बढ़ते तनाव के बीच आया है। यह अवरोधन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस और चीन के बीच मजबूत सहयोग को दर्शाता है। दोनों देश ईरान के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय मामलों में बहुध्रुवीय दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए प्रयासरत हैं। यह घटनाक्रम आगे चलकर वैश्विक परमाणु कूटनीति और सुरक्षा पर प्रभाव डाल सकती है।