चीन ने आसियान देशों को आश्वासन दिया है कि वह क्षेत्रीय शक्ति बनने की मंशा नहीं रखता। कम्युनिस्ट पार्टी के एक वरिष्ठ अधिकारी, सन हैयान ने कहा कि चीन के डीएनए में "सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व" निहित है, इसलिए उसका "मilitaristic hegemony" बनना असंभव है। उन्होंने यह भी वादा किया कि चीन दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ अपनी ऊर्जा सहयोग को मजबूत करेगा। यह बयान दक्षिण चीन सागर जैसे विवादित क्षेत्रों में चीन के प्रभाव को लेकर आसियान देशों की चिंताओं के बीच आया है। सन हैयान ने जोर देकर कहा कि चीन छोटे और कमजोर देशों को धमकाने वाला राष्ट्र नहीं बनेगा। यह बयान चीन द्वारा आसियान के साथ संबंधों को सुधारने और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है।