हाल के दो हफ्तों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं। चीन ने एक अभूतपूर्व सैटेलाइट इंजन का परीक्षण किया है, जिसकी परिचालन अवधि रिकॉर्ड तोड़ है। यह तकनीक चीन को संचार, सैन्य और अंतरिक्ष यान को अधिक तेज़ी से और विश्वसनीयता से कक्षा में स्थापित करने में मदद करेगी। इस परीक्षण से अमेरिका के प्रतिद्वंद्वी पीछे रह गए हैं। इसके साथ ही, चीन दुर्लभ पृथ्वी खनिजों पर अपनी निर्भरता कम करने के तरीकों पर भी विचार कर रहा है, क्योंकि ये खनिज महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के निर्माण के लिए आवश्यक हैं। साथ ही, स्पेसएक्स को टक्कर देने के लिए चीन एक नई रॉकेट तकनीक विकसित कर रहा है। ये विकास वैश्विक अंतरिक्ष दौड़ में चीन की बढ़ती क्षमता को दर्शाते हैं।