चीन ने अमेरिका के इतिहासकारों के एक स्कूल ऑफ़ थॉट पर तीखा हमला बोला है, आरोप लगाते हुए कि वे देश को विभाजित करने के प्रयासों के लिए "सैद्धांतिक हथियार" प्रदान कर रहे हैं। यह आरोप किंग राजवंश (1644-1911) को लेकर ऑनलाइन बहसों के बीच आया है, जिसके कारण भड़काऊ बयानबाजी बढ़ रही है। बीजिंग की जातीय नीतियां और ऐतिहासिक वृत्तांत अब अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का एक क्षेत्र बनते जा रहे हैं। राज्य द्वारा संचालित चाइना एथनिक...ने इस विषय पर एक लेख प्रकाशित किया है, जिसमें इस विचारधारा को खतरनाक बताया गया है। चीन का कहना है कि यह विचारधारा अलगाववादी ताकतों को बढ़ावा दे रही है और देश की एकता के लिए खतरा है। यह घटनाक्रम चीन और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और ऐतिहासिक व्याख्याओं के राजनीतिकरण को दर्शाता है। बीजिंग अपनी सीमाओं की अखंडता और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने के लिए दृढ़ संकल्पित है।