सरकार द्वारा प्रस्तावित व्यापक सुधारों में एक प्रावधान, जिसे ‘अनाटोसिज्म’ कहा जाता है, ब्याज पर ब्याज वसूलने पर रोक लगाने का प्रयास करता है। हालांकि यह प्रावधान स्वीकृत हो गया है, लेकिन सरकार इसे वीटो करने पर विचार कर रही है। यह निर्णय CMF (वित्तीय बाजार आयोग) और केंद्रीय बैंक जैसे संस्थानों के समर्थन से लिया जा रहा है, जिन्होंने इस उपाय को अस्वीकार कर दिया है। अनाटोसिज्म मूल रूप से ब्याज की चक्रवृद्धि है, जहां उधार ली गई राशि पर जमा ब्याज पर भी ब्याज लगाया जाता है। इस प्रावधान के समर्थकों का मानना है कि यह उपभोक्ताओं को वित्तीय बोझ से मुक्त करेगा। वहीं, विरोधियों का कहना है कि इससे वित्तीय प्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और ऋण देने की क्षमता कम हो जाएगी। इस मुद्दे पर जारी विवाद के कारण यह सुधार पैकेज में एक विवादास्पद बिंदु बन गया है।

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