चिली की सीनेट ने सरकार के महत्वाकांक्षी 'मेगारेफ़ॉर्म' विधेयक पर मतदान स्थगित कर दिया है, क्योंकि सरकार को हार का डर है। पूर्व मंत्री पाउला सेदिनी ने खुलासा किया है कि उन्हें अपने मंत्रालय में पदों को भरने के लिए दबाव डाला गया था। इस खुलासे के बाद, राष्ट्रीय बाल संस्थान (IND) की निदेशक के इस्तीफे की मांग ज़ोर पकड़ रही है। सीनेट में विधेयक पर आगे की चर्चा अनिश्चित है, क्योंकि सरकार को समर्थन जुटाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला राजनीतिक संकट और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा हुआ है। सेदिनी के आरोपों ने सरकार की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। CIPER Chile ने इस खबर को सबसे पहले प्रकाशित किया।