चिली के अपराध रोकथाम उप-राज्यमंत्रालय ने एक वकील को नियुक्त किया है, जिसका संबंध एक ऐसी कंपनी से है जो कैराबिनेरोस (सैन्य पुलिस) को पुर्जे बेचती है। यह कंपनी ‘मिलिकोगेट’ मामले में भी शामिल है, जो एक राजनीतिक विवाद है जिसमें सरकारी खरीद में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इस नियुक्ति से विवाद उत्पन्न हो गया है क्योंकि आलोचकों का कहना है कि यह हितों के टकराव का मामला है। CIPER चिली ने इस मामले को उजागर किया है। उप-राज्यमंत्रालय ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह मामला चिली की राजनीति में एक नया मोड़ ले सकता है और आगे की जांच की मांग की जा रही है। इस नियुक्ति की वैधता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।