चिली की मनोविज्ञानी पिलर सोर्डो ने हाल ही में एक साक्षात्कार में अपने अनुयायियों को चुनौतियों का सामना करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि डर को बाधा नहीं मानना चाहिए, बल्कि इसे एक प्रेरणा शक्ति के रूप में देखना चाहिए। सोर्डो के अनुसार, डर के बावजूद कुछ करने का साहस ही वास्तविक प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने ‘साहस’ और ‘निडरता’ के महत्व पर भी जोर दिया, और लोगों को जीवन के सफर का आनंद लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उनका मानना है कि चुनौतियों का सामना करने में जो उत्साह आता है, वह जीवन को और भी सार्थक बनाता है। सोर्डो का यह संदेश उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो किसी नए कार्य को शुरू करने या किसी मुश्किल परिस्थिति से निपटने में हिचकिचा रहे हैं।