चिली की मनोवैज्ञानिक पिलर सोर्डो ने मानवीय संवाद में आ रही चुनौतियों और मानसिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव का विश्लेषण किया है। उनका कहना है कि आज के समय में लोगों का धैर्य कम होता जा रहा है, जिससे रिश्तों में तनाव बढ़ रहा है। सोर्डो ने आंतरिक संवाद के महत्व पर भी प्रकाश डाला, जो मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने शोक (duelo) की प्रक्रिया और जीवन की क्षणभंगुरता को स्वीकार करते हुए वर्तमान में जीने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि वर्तमान क्षण में सचेत रहने से हम जीवन को अधिक गहराई से समझ सकते हैं। सोर्डो के अनुसार, संवाद की कमी और धैर्य की कमी आधुनिक संबंधों में प्रमुख समस्याएं हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए आत्म-जागरूकता और आपसी समझ को बढ़ाना आवश्यक है।