चिली में, सेरिमेदो के एक सहयोगी और मंत्री अरौ के एक सलाहकार पर "अस्वीकृति" (Rechazo) के बारे में गलत सूचना फैलाने वाले एक समूह को धन मुहैया कराने का आरोप लगा है। CIPER चिली की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन व्यक्तियों ने जानबूझकर गलत जानकारी का प्रसार करने वाले समूह को आर्थिक सहायता प्रदान की। यह खुलासे चिली के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं, खासकर आगामी जनमत संग्रह को देखते हुए। इस फंडिंग का उद्देश्य मतदाताओं को गुमराह करना और "अस्वीकृति" के पक्ष में राय बनाना था। जांच से यह भी पता चला है कि यह समूह सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से झूठी खबरें फैला रहा था। इस मामले में आगे की जांच चल रही है और अधिकारियों ने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का वादा किया है। यह घटना चिली में चुनाव प्रचार के दौरान गलत सूचना के खतरे को उजागर करती है।