80 के दशक में मोनिका मदारीगा द्वारा किए गए एक अज्ञात जांच का खुलासा हुआ है, जिसमें सैन्य तानाशाही के दौरान अनियमित दत्तक ग्रहणों से संबंधित मामले शामिल थे। यह जांच चिली के CIPER द्वारा प्रकाशित की गई है। मदारीगा ने इस मामले की गहराई से पड़ताल की, जिसमें नाजायज तरीके से बच्चों को गोद लेने और उनके परिवारों से अलग करने के चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। यह खुलासा चिली के इतिहास के एक दर्दनाक अध्याय और मानवाधिकारों के उल्लंघन पर प्रकाश डालता है। जांच से पता चलता है कि तानाशाही के दौरान कई बच्चों को उनकी जैविक परिवारों से अलग कर दिया गया था और उन्हें बिना उचित प्रक्रिया के गोद लिया गया था। यह मामला न्याय और पीड़ितों के लिए जवाबदेही की मांग को फिर से उजागर करता है। यह जांच चिली में अतीत का सामना करने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के प्रयासों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।