पूर्व राष्ट्रपति एडुआर्डो फ्रेई ने ‘मेसा सेंट्रल’ कार्यक्रम में दावा किया था कि देश में 27% कर्मचारी अनियमित रोज़गार में लगे हुए हैं, और इस समूह में 70% महिलाएं हैं। हालांकि, ‘फास्ट चेक’ ने इस दावे को ‘अस्पष्ट’ बताया है। जांच में पाया गया कि कार्यबल का 27% हिस्सा अनियमित रोज़गार में तो है, लेकिन इसमें महिलाओं का प्रतिनिधित्व 70% नहीं, बल्कि 46% है। यह आंकड़ा पूर्व राष्ट्रपति के दावे से काफी भिन्न है। ‘फास्ट चेक’ ने तथ्यों की जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला है। यह जानकारी अनियमित रोज़गार की स्थिति और उसमें महिलाओं की भागीदारी को लेकर चल रही बहस के लिए महत्वपूर्ण है। इस विसंगति से सार्वजनिक बयानों में सटीकता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी प्रकाश पड़ता है।