चिली सरकार वेपिंग उत्पादों पर कर लगाने और उन्हें तंबाकू उत्पादों के समान नियमों के तहत लाने की तैयारी कर रही है। यह कदम स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर उठाया जा रहा है। सरकार जल्द ही एक नियामक एजेंडा पेश करेगी, जिसमें यह प्रस्ताव शामिल होगा। यह प्रस्ताव ‘मिसलैनियास लॉ’ के पारित होने के बाद लागू किया जाएगा। उद्देश्य वेपिंग के उपयोग को नियंत्रित करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है। नए नियमों से वेपिंग उत्पादों की बिक्री और उपयोग पर असर पड़ेगा। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं में वेपिंग की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने में मदद मिलेगी।