क्रिस्टोबाल कारले ने योगदान पर सरकार के प्रस्ताव पर एक राय व्यक्त की है, जिसमें कुछ मामलों में इस कर को समाप्त करने की बात कही गई है। उनका तर्क है कि इस कदम से कर राजस्व, नगरपालिका वित्तपोषण और सार्वजनिक संसाधनों के वितरण पर असर पड़ सकता है। लेखक कर समानता के लिए इसके निहितार्थों, राज्य की भूमिका और नगर पालिकाओं द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के वित्तपोषण पर विचार करते हैं। यह बहस कर प्रणाली को बदलने के संभावित परिणामों पर प्रकाश डालती है। कारले इंगित करते हैं कि इस तरह के परिवर्तन का समग्र प्रभाव सावधानीपूर्वक मूल्यांकन किया जाना चाहिए। यह प्रस्ताव राजस्व संग्रह को कम करके नगर पालिकाओं की स्वायत्तता को खतरे में डाल सकता है। नीति निर्माताओं को कर नीति में बदलाव करते समय इन कारकों पर विचार करना चाहिए।

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